{7} Science 7th chapter wise Bihar Board

 Science 7th chapter wise Bihar Board



1. प्रश्न: पोषक क्या है?

उत्तर: शरीर को ऊर्जा और विकास के लिए आवश्यक तत्वों को पोषक कहते हैं।

उदाहरण: कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज

2. प्रश्न: पोषण से क्या समझते हैं?

उत्तर: भोजन को ग्रहण करके उसे शरीर में उपयोग करने की प्रक्रिया पोषण कहलाती है।

उदाहरण: पौधों का भोजन बनाना और मनुष्य का भोजन पचाना।

3. प्रश्न: स्वपोषण क्या है?

उत्तर: जब कोई जीव स्वयं भोजन बनाता है, तो यह स्वपोषण कहलाता है।

उदाहरण: हरे पौधे सूर्य के प्रकाश से भोजन बनाते हैं।

4. प्रश्न: स्वपोषी किसे कहते हैं?

उत्तर: जो जीव स्वयं भोजन बनाते हैं, वे स्वपोषी कहलाते हैं।

उदाहरण: हरे पौधे, शैवाल।

5. प्रश्न: विषमपोषी क्या है?

उत्तर: जो जीव भोजन के लिए दूसरों पर निर्भर रहते हैं, वे विषमपोषी कहलाते हैं।

उदाहरण: मनुष्य, जानवर

6. प्रश्न: परपोषी किसे कहते हैं?

उत्तर: जो जीव दूसरे जीवों से भोजन प्राप्त करते हैं, उन्हें परपोषी कहते हैं।

उदाहरण: कुत्ता, बिल्ली, मनुष्य

7. प्रश्न: परजीवी किसे कहते हैं?

उत्तर: जो जीव किसी अन्य जीव के शरीर पर या भीतर रहकर उससे भोजन लेते हैं, वे परजीवी कहलाते हैं।

उदाहरण: जूं, कुकुरमुत्ता, टेपवॉर्म

8. प्रश्न: कोशिका किसे कहते हैं?

उत्तर: शरीर की सबसे छोटी और कार्यशील इकाई को कोशिका कहते हैं।

उदाहरण: मनुष्य की मांसपेशी कोशिका

9. प्रश्न: कोशिका झिल्ली किसे कहते हैं?

उत्तर: कोशिका को चारों ओर से घेरने वाली पतली परत को कोशिका झिल्ली कहते हैं।

उदाहरण: यह पोषक तत्वों को अंदर आने और अपशिष्ट को बाहर जाने देती है।

10. प्रश्न: केंद्रक क्या है?

उत्तर: कोशिका का वह भाग जो सभी गतिविधियों को नियंत्रित करता है, उसे केंद्रक कहते हैं।

उदाहरण: केंद्रक में अनुवांशिक पदार्थ (DNA) होता है।

11. प्रश्न: कोशिका द्रव्य क्या है?

उत्तर: कोशिका के अंदर पाया जाने वाला द्रव पदार्थ जिसे साइटोप्लाज्म कहते हैं, कोशिका द्रव्य कहलाता है।

उदाहरण: इसमें कोशिका के सभी अंग तैरते रहते हैं।

12. प्रश्न: रंध्र क्या है?

उत्तर: पत्तियों पर पाए जाने वाले छोटे छिद्रों को रंध्र कहते हैं, जो गैसों के आदान-प्रदान में सहायक होते हैं।

उदाहरण: रंध्र CO₂ अंदर और O₂ बाहर जाने देते हैं।

13. प्रश्न: क्लोरोफिल क्या है?

उत्तर: यह हरे पौधों में पाया जाने वाला हरा रंगद्रव्य है, जो प्रकाश संश्लेषण में मदद करता है।

उदाहरण: यह सूरज की रोशनी को पकड़ता है।

14. प्रश्न: प्रकाश संश्लेषण से क्या समझते हैं?

उत्तर: सूर्य के प्रकाश की सहायता से पौधों द्वारा भोजन बनाने की प्रक्रिया को प्रकाश संश्लेषण कहते हैं।

उदाहरण: पौधे CO₂ और पानी से ग्लूकोज़ बनाते हैं।

15. प्रश्न: शैवाल किसे कहते हैं?

उत्तर: जल में पाए जाने वाले हरे रंग के सरल पौधों को शैवाल कहते हैं।

उदाहरण: तालाब की सतह पर तैरती हरी परत।

16. प्रश्न: कीट भक्षी पादप क्या है?

उत्तर: ऐसे पौधे जो कीटों को पकड़कर पचाते हैं, उन्हें कीट भक्षी पादप कहते हैं।

उदाहरण: पिचर प्लांट, ड्रॉसेरा।

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17. प्रश्न: कवक किसे कहते हैं?

उत्तर: वे जीव जो मृत जीवों पर निर्भर रहते हैं और हरितलवक नहीं रखते, उन्हें कवक कहते हैं।

उदाहरण: ब्रेड पर उगने वाला फफूंदी (मोल्ड), यीस्ट।

18. प्रश्न: मृतजीवी क्या है?

उत्तर: जो जीव मृत जीवों के अवशेषों से पोषण प्राप्त करते हैं, वे मृतजीवी कहलाते हैं।

उदाहरण: कवक, कुछ बैक्टीरिया।

19. प्रश्न: मृत्तजीवी पोषण क्या है?

उत्तर: मृत और सड़े-गले पदार्थों से पोषण प्राप्त करने की प्रक्रिया मृत्तजीवी पोषण कहलाती है।

उदाहरण: कुकुरमुत्ता का पोषण तरीका।

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20. प्रश्न: सहजीवी संबंध से क्या समझते हैं?

उत्तर: जब दो जीव मिलकर एक-दूसरे को लाभ पहुँचाते हैं और साथ रहते हैं, वह संबंध सहजीवी कहलाता है।

उदाहरण: लाइकेन (शैवाल + कवक का सहजीवन)।

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21. प्रश्न: राइजोबियम क्या है?

उत्तर: यह एक बैक्टीरिया है जो दलहनी पौधों की जड़ों में रहकर वायुमंडलीय नाइट्रोजन को जमीन में स्थिर करता है।

उदाहरण: मसूर या मूँग के पौधे की जड़ों में पाया जाता है।

Chapter 2

1. पोषण से क्या समझते हैं?

पोषण का मतलब है शरीर को ज़रूरी तत्व देना, जिससे हम स्वस्थ रहें और बढ़ सकें। खाना खाने के बाद उसमें से शरीर के लिए जरूरी चीजें जैसे–प्रोटीन, विटामिन आदि मिलती हैं। ये तत्व हमें ताकत और ऊर्जा देते हैं।

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2. पाचन क्या है?

पाचन वह प्रक्रिया है जिसमें खाया हुआ खाना टूटकर छोटे-छोटे भागों में बदल जाता है, जिससे शरीर उसे आसानी से उपयोग कर सके। यह प्रक्रिया हमारे शरीर के पाचन तंत्र में होती है।

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3. मानव में पाचन तंत्र का महत्व बताएं।

पाचन तंत्र हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो खाने को पचाता है और उसमें से जरूरी पोषक तत्वों को शरीर में पहुँचाता है। यह हमें ऊर्जा देता है और स्वस्थ रहने में मदद करता है।

4. मुख गुहिका क्या है?

मुख गुहिका हमारे मुँह का वह भाग है जहाँ खाना चबाया जाता है। यहाँ लार मिलती है जो भोजन को नरम बनाती है और पाचन की शुरुआत करती है। यहीं से खाना शरीर में अंदर जाता है।

5. ग्रासनली क्या है?

ग्रासनली एक लंबी नली होती है जो मुँह और पेट को जोड़ती है। जब हम खाना निगलते हैं तो वह ग्रासनली से होकर पेट तक पहुँचता है। यह भोजन को धीरे-धीरे नीचे पहुँचाती है।

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6. अमाशय क्या है?

अमाशय को पेट भी कहते हैं। यह भोजन को कुछ समय तक रखता है और उसे पचाने के लिए उसमें पाचन रस मिलाता है। यहां से खाना अगले भाग यानी छोटी आंत में जाता है।

7. मनुष्य की छोटी आंत के बारे में बताएं।

छोटी आंत एक लंबी और पतली नली है। यह भोजन को अच्छी तरह पचाकर उसमें से जरूरी पोषक तत्व शरीर में भेजती है। यह पाचन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।

 छोटी आंत  की कुल लंबाई लगभग 6 से 7.5 मीटर (लगभग 20 से 22 फीट) होती है। 

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8. मनुष्य की बड़ी आंत के बारे में बताएं।

बड़ी आंत छोटी आंत के बाद आती है। यह खाने में बचा हुआ पानी और खनिज सोखती है और ठोस अपशिष्ट (मल) बनाती है। यह मलद्वार तक पहुँचाने में मदद करती है।

मानव शरीर में बड़ी आंत की लंबाई औसत रूप से लगभग 1.5 मीटर (लगभग 5 फीट) होती है

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9. मलद्वार क्या है?

मलद्वार शरीर का अंतिम भाग होता है जहाँ से पचा हुआ अपशिष्ट बाहर निकलता है। यह भोजन के बचे हुए भाग को शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है।

10. लार ग्रंथि क्या है?

लार ग्रंथियाँ हमारे मुँह में पाई जाती हैं जो लार बनाती हैं। लार खाने को नरम और गीला बनाती है जिससे उसे चबाना और निगलना आसान होता है। लार पाचन की शुरुआत करती है।

11. यकृत क्या है?

यकृत को लीवर भी कहते हैं। यह शरीर का एक बड़ा अंग है जो पाचन में सहायक पित्त रस बनाता है। पित्त रस वसा (फैट) को पचाने में मदद करता है। यह शरीर को साफ रखने का भी काम करता है।

12. अग्नाशय क्या है?

अग्नाशय एक ग्रंथि है जो पाचन रस और इंसुलिन बनाता है। पाचन रस खाने को पचाने में मदद करता है। यह छोटी आंत में जाकर खाना तोड़ता है जिससे शरीर उसे उपयोग कर सके।

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13. अंतग्रहण क्या है?

अंतग्रहण वह प्रक्रिया है जिसमें पचाए गए खाने से पोषक तत्व खून में मिल जाते हैं। यह छोटी आंत में होता है। इसके बाद खून ये तत्व शरीर के सभी हिस्सों तक पहुँचाता है।

1. दीर्घ रोम क्या है? वह कहां पाए जाते हैं? उनके कार्य क्या है?

दीर्घ रोम (Villi) छोटी आँत की भीतरी दीवार पर पाए जाने वाले उंगलीनुमा सूक्ष्म उभार होते हैं। ये आँत के भीतर की सतह को बड़ा बनाते हैं ताकि भोजन से पोषक तत्वों का अवशोषण अधिक मात्रा में हो सके। इनके द्वारा भोजन के पोषक तत्व रक्त में पहुंचाए जाते हैं।

2. पित्त कहां निर्मित होता है? भोजन पचाने में यह कैसी सहायक है?

पित्त का निर्माण यकृत (लिवर) में होता है और यह पित्ताशय में जमा रहता है। पित्त वसा (फैट) को छोटे-छोटे कणों में तोड़ता है जिससे एंजाइम इन्हें आसानी से पचा सकें। यह पाचन में सहायक और आँत के अम्लीय प्रभाव को कम करता है।

3. क्या कारण है कि हमें ग्लूकोस से तुरंत ऊर्जा प्राप्त होती है?

ग्लूकोस एक सरल शर्करा (Simple Sugar) है, जो पचने 

की आवश्यकता के बिना सीधा रक्त में घुल जाती है। यह 

रक्त के माध्यम से शरीर की कोशिकाओं तक पहुँचकर तुरंत

 ऑक्सीजन के साथ क्रिया करती है और तुरंत ऊर्जा प्रदान करती है।

4. मानव एवं अमीबा के पोषण में कोई एक समानता 

तथा एक अंतर बताएं।

समानता: दोनों ही अपने भोजन को पचाकर ऊर्जा प्राप्त करते हैं।

अंतर: अमीबा अपना भोजन छद्मपाद (Pseudopodia) द्वारा ग्रहण करता है, जबकि मानव मुख के माध्यम से भोजन ग्रहण करता है और उसका पाचन विशेष अंगों (पाचन तंत्र) में होता है।

End

Chapter 3 उष्मा

1. ऊष्मा किसे कहते हैं?

जिस ऊर्जा से किसी पदार्थ का ताप बढ़ता है या घटता है, उसे ऊष्मा कहते हैं। यह ऊर्जा एक वस्तु से दूसरी वस्तु में प्रवाहित होकर तापमान में परिवर्तन करती है।

2. तापमापी यानी थर्मामीटर क्या है?

तापमापी या थर्मामीटर वह उपकरण है जिससे किसी वस्तु, द्रव या शरीर का तापमान मापा जाता है। इसमें पारा या अल्कोहल भरा होता है जो तापमान बढ़ने पर ऊपर की ओर फैलता है।

3. डॉक्टरी थर्मामीटर के विषय में बताएं।

डॉक्टरी थर्मामीटर का प्रयोग मनुष्य के शरीर का ताप मापने के लिए किया जाता है। इसमें पारे से भरी पतली नली होती है और इसका पैमाना 35°C से 42°C तक होता है। इसे शरीर के बगल या मुँह में रखा जाता है।

4. सेल्सियस स्केल क्या है?

सेल्सियस स्केल ताप मापने की एक इकाई है। इसमें पानी का हिमांक बिंदु 0°C और क्वथनांक बिंदु 100°C माना गया है। इसे स्वीडन के वैज्ञानिक एंडर्स सेल्सियस ने बनाया था।

5. थर्मामीटर को कहां नहीं रखना चाहिए?

थर्मामीटर को बहुत गर्म स्थान, धूप या आग के पास नहीं रखना चाहिए, क्योंकि अधिक ताप से इसमें भरा पारा फैलकर

 कांच तोड़ सकता है और थर्मामीटर खराब हो सकता है।

6. प्रयोगशाला तापमापी क्या है?

प्रयोगशाला तापमापी का प्रयोग विज्ञान प्रयोगशालाओं 

में किया जाता है। इसका पैमाना लगभग –10°C से 110°C

 तक होता है। इससे द्रव या गैसों के ताप का सटीक मापन

 किया जाता है।

7. ऊष्मा का स्थानांतरण क्या है?

जब ऊष्मा किसी गर्म वस्तु से ठंडी वस्तु की ओर जाती है,

 तो इसे ऊष्मा का स्थानांतरण कहते हैं। यह तीन तरीकों

 से होता है — चालकता, संवहन और विकिरण।

8. ऊष्मा रोधी क्या है?

वे पदार्थ जो ऊष्मा को अपने माध्यम से नहीं गुजरने देते, 

उन्हें ऊष्मा रोधी (Heat Insulator) कहते हैं। जैसे—लकड़ी, प्लास्टिक, रबर, ऊन आदि। ये गर्मी से बचाने में 

मदद करते हैं।

9. चालक किसे कहते हैं?

जो पदार्थ ऊष्मा या विद्युत को आसानी से अपने माध्यम 

से गुजरने देते हैं, उन्हें चालक कहते हैं। जैसे—

ताँबा, लोहा, एल्युमिनियम आदि अच्छे चालक होते हैं।

10. कुचालक क्या है?

वे पदार्थ जो ऊष्मा या बिजली को अपने माध्यम से नहीं 

गुजरने देते, उन्हें कुचालक कहा जाता है। जैसे—

लकड़ी, प्लास्टिक, काँच और रबर।

11. संवहन किसे कहते हैं?

जब ऊष्मा का स्थानांतरण किसी द्रव या गैस में उसके 

कणों के ऊपर उठने और नीचे आने से होता है, तो उसे

 संवहन कहते हैं। जैसे—पानी गर्म करने पर ऊपरी सतह 

तक गर्म हो जाता है।

12. समुद्र समीर किसे कहते हैं?

दिन के समय समुद्र का तापमान भूमि से कम होता है, 

इसलिए हवा समुद्र से भूमि की ओर चलती है। इसे समुद्र 

समीर कहते हैं। यह दिन के समय महसूस होती है।

13. थल समीर किसे कहते हैं?

रात में भूमि जल्दी ठंडी हो जाती है, जबकि समुद्र गर्म

 रहता है। तब हवा भूमि से समुद्र की ओर चलती है, 

इसे थल समीर कहा जाता है।

14. विकिरण क्या है?

जब ऊष्मा बिना किसी माध्यम के सीधी एक वस्तु से 

दूसरी वस्तु तक पहुँचती है, तो उसे विकिरण कहते हैं। 

जैसे—सूर्य की गर्मी सीधे पृथ्वी तक विकिरण द्वारा आती है।

1. गर्मियों में हमें किस प्रकार का वस्त्र पहनना चाहिए?

गर्मियों में हमें हल्के रंग के, ढीले और सूती वस्त्र पहनने 

चाहिए। सूती कपड़े पसीना सोख लेते हैं और शरीर को 

ठंडक पहुँचाते हैं। हल्के रंग सूर्य की गर्मी को कम अवशोषित करते हैं, जिससे शरीर ठंडा रहता है।

2. सर्दी के महीने में किस प्रकार का वस्त्र पहनना चाहिए?

सर्दी में हमें ऊनी या मोटे वस्त्र पहनने चाहिए। ऊन के 

कपड़ों में हवा के छोटे-छोटे छिद्र होते हैं जो ऊष्मा को 

बाहर नहीं जाने देते और शरीर को गर्म रखते हैं। 

इसलिए ऊनी कपड़े ठंड से बचाते हैं।

3. चालक के दो उदाहरण दीजिए।

ताँबा और लोहा ऊष्मा के अच्छे चालक हैं। ये ऊष्मा को

 आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाते हैं।

4. ऊष्मा रोधी के दो उदाहरण दीजिए।

लकड़ी और रबर ऊष्मा रोधी हैं। ये गर्मी को अपने माध्यम 

से गुजरने नहीं देते, इसलिए इनका उपयोग हैंडल, जूते या

 थर्मस जैसी वस्तुओं में किया जाता है।


प्रश्न 1: चालक किसे कहते हैं?

उत्तर: जिन पदार्थों से होकर ऊष्मा या बिजली आसानी से गुजर जाती है, उन्हें चालक कहते हैं।

उदाहरण: लोहा, तांबा।

प्रश्न 2: चालन क्या है?

उत्तर: जब ऊष्मा एक वस्तु से दूसरी वस्तु में बिना हिले पहुँचती है, तो उसे चालन कहते हैं।

उदाहरण: लोहे की छड़ का एक सिरा गरम करने पर दूसरा सिरा भी गरम हो जाना।

प्रश्न 3: सेल्सियस स्केल क्या है?

उत्तर: तापमान मापने की एक विधि को सेल्सियस स्केल कहते हैं। इसमें पानी 0°C पर जमता है और 100°C पर उबलता है।

प्रश्न 4: संवहन क्या है?

उत्तर: जब ऊष्मा द्रव या गैस के कणों के हिलने से फैलती है, तो उसे संवहन कहते हैं।

उदाहरण: पानी का गरम होकर ऊपर उठना।

प्रश्न 5: सुचालक किसे कहते हैं?

उत्तर: जो पदार्थ ऊष्मा या बिजली को आसानी से पास होने देते हैं, उन्हें सुचालक कहते हैं।

उदाहरण: तांबा, एल्युमिनियम।

प्रश्न 6: कुचालक किसे कहते हैं?

उत्तर: जो पदार्थ ऊष्मा या बिजली को अपने से गुजरने नहीं देते, उन्हें कुचालक कहते हैं।

उदाहरण: लकड़ी, प्लास्टिक।

प्रश्न 7: ऊष्मा रोधी क्या है?

उत्तर: ऐसे पदार्थ जो ऊष्मा को रोकने का काम करते हैं, उन्हें ऊष्मा रोधी कहते हैं।

उदाहरण: थर्मस की दीवारें।

प्रश्न 8: स्थल समीर के बारे में बताएं।

उत्तर: रात के समय ठंडी हवा जमीन से समुद्र की ओर चलती है, इसे स्थल समीर कहते हैं।

प्रश्न 9: समुद्र समीर के बारे में बताएं।

उत्तर: दिन के समय ठंडी हवा समुद्र से जमीन की ओर चलती है, इसे समुद्र समीर कहते हैं।

प्रश्न 10: विकिरण क्या है?

उत्तर: जब ऊष्मा बिना किसी माध्यम के सीधे फैलती है, तो उसे विकिरण कहते हैं।

उदाहरण: सूर्य से पृथ्वी तक ऊष्मा पहुँचना।

प्रश्न 11: तापमापी से क्या समझते हैं?

उत्तर: जिस यंत्र से तापमान मापा जाता है, उसे तापमापी कहते हैं।

प्रश्न 12: थर्मामीटर क्या है?

उत्तर: तापमान मापने वाला यंत्र थर्मामीटर कहलाता है। यह शरीर और वस्तुओं का तापमान बताता है।


Ex 4

प्रश्न 1: अम्ल (Acid) क्या होता है? उत्तर: अम्ल वे पदार्थ होते हैं जिनका स्वाद खट्टा होता है। इनकी रासायनिक प्रकृति 'अम्लीय' (Acidic) होती है।

  • उदाहरण: दही, नींबू का रस, संतरे का रस और सिरका।

प्रश्न 2: 'Acid' शब्द की उत्पत्ति कैसे हुई? उत्तर: 'Acid' शब्द की उत्पत्ति लैटिन शब्द 'Acere' (ऐसियर) से हुई है, जिसका अर्थ होता है "खट्टा"।

प्रश्न 3: क्षारक (Base) क्या होता है? उत्तर: क्षारक वे पदार्थ होते हैं जिनका स्वाद कड़वा होता है और जो छूने पर साबुन जैसे चिकने लगते हैं। इनकी प्रकृति 'क्षारकीय' (Basic) होती है।

  • उदाहरण: खाने का सोडा (बेकिंग सोडा), चूने का पानी।

प्रश्न 4: सूचक (Indicator) किसे कहते हैं? उत्तर: ऐसे पदार्थ जिनका उपयोग किसी अम्लीय या क्षारकीय पदार्थ का परीक्षण करने के लिए किया जाता है, उन्हें सूचक कहते हैं। सूचक अम्लीय या क्षारकीय विलयन में मिलाने पर अपना रंग बदल लेते हैं।

  • उदाहरण: लिटमस पत्र, हल्दी, गुड़हल की पंखुड़ियाँ।

प्रश्न 5: लिटमस क्या है और यह कहाँ से प्राप्त होता है? उत्तर: लिटमस एक सबसे सामान्य रूप से उपयोग होने वाला प्राकृतिक सूचक है। यह लाइकेन (शैक) से निकाला जाता है।

प्रश्न 6: लिटमस का अलग-अलग विलयन (Solution) में क्या प्रभाव होता है? उत्तर:

  • अम्लीय विलयन में: यह लाल हो जाता है।
  • क्षारकीय विलयन में: यह नीला हो जाता है।
  • उदासीन विलयन में: इसके रंग में कोई बदलाव नहीं होता।

प्रश्न 7: उदासीन विलयन (Neutral Solution) किसे कहते हैं? उत्तर: ऐसे विलयन जो लाल या नीले लिटमस पत्र के रंग को नहीं बदलते, उन्हें उदासीन विलयन कहते हैं। ये पदार्थ न तो अम्लीय होते हैं और न ही क्षारकीय।

सारणी (Table): किसमें कौन-सा अम्ल / क्षारक पाया जाता है?

1. अम्ल (Acid) के स्रोत:

अम्ल का नामकिसमें पाया जाता है
एसिटिक अम्ल (Acetic acid)सिरका
फॉर्मिक अम्ल (Formic acid)चींटी का डंक
साइट्रिक अम्ल (Citric acid)सिट्रस फल (नींबू, संतरा)
लैक्टिक अम्ल (Lactic acid)दही
ऑक्सेलिक अम्ल (Oxalic acid)पालक
एस्कॉर्बिक अम्ल (Ascorbic acid / Vitamin C)आँवला, सिट्रस फल
टार्टरिक अम्ल (Tartaric acid)इमली, अंगूर, कच्चा आम

2. क्षारक (Base) के स्रोत:

क्षारक का नामकिसमें पाया जाता है
कैल्शियम हाइड्रॉक्साइडचूने का पानी
ऐमोनियम हाइड्रॉक्साइडखिड़की साफ करने वाला मार्जक (Cleaner)
सोडियम / पोटैशियम हाइड्रॉक्साइडसाबुन
मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइडमिल्क ऑफ मैग्नेशियम (दुधिया मैग्नीशिया)

ध्यान रखने योग्य चेतावनी (Warning):



  • किसी भी अज्ञात पदार्थ को बिना कहे चखना (Taste) या स्पर्श करना (Touch) नहीं चाहिए, क्योंकि ये हानिकारक हो सकते हैं।


प्रश्न 8: गुड़हल के पुष्प का सूचक (Indicator) अलग-अलग विलयन पर क्या प्रभाव डालता है? उत्तर: गुड़हल के पुष्प का सूचक:

  • अम्लीय विलयनों को गहरा गुलाबी (मजेंटा) कर देता है।
  • क्षारकीय विलयनों को हरा कर देता है।

प्रश्न 9: हल्दी के दाग पर साबुन लगाने पर वह लाल क्यों हो जाता है? उत्तर: हल्दी एक प्राकृतिक सूचक है। साबुन का विलयन क्षारकीय (Basic) होता है, इसीलिए जब हल्दी के दाग पर साबुन लगाया जाता है तो उसका रंग बदलकर लाल हो जाता है।

प्रश्न 10: उदासीनीकरण (Neutralisation) अभिक्रिया किसे कहते हैं? उत्तर: किसी अम्ल और किसी क्षारक के बीच होने वाली अभिक्रिया को उदासीनीकरण कहते हैं। इस प्रक्रम में ऊष्मा के निकलने के साथ-साथ लवण (Salt) और जल (Water) का निर्माण होता है।

\text{अम्ल} + \text{क्षारक} \rightarrow \text{लवण} + \text{जल} + (\text{ऊष्मा})

  • उदाहरण: \text{हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl)} + \text{सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH)} \rightarrow \text{सोडियम क्लोराइड (NaCl)} + \text{जल (H}_2\text{O)}

प्रश्न 11: फिनॉल्फ्थेलिन (Phenolphthalein) सूचक का अम्लीय और क्षारकीय विलयन पर क्या प्रभाव पड़ता है? उत्तर:

  • क्षारकीय विलयन में: फिनॉल्फ्थेलिन गुलाबी रंग देता है।
  • अम्लीय या उदासीन विलयन में: यह रंगहीन (Colorless) रहता है।

प्रश्न 12: अम्ल वर्षा (Acid Rain) किसे कहते हैं और इसके क्या नुकसान हैं? उत्तर: जब वर्षा के जल में अम्ल की मात्रा अत्यधिक हो जाती है, तो उसे अम्ल वर्षा कहते हैं।

  • कारण: वायु में उपस्थित कार्बन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड जैसी गैसें वर्षा जल में घुलकर क्रमशः कार्बोनिक अम्ल, सल्फ्यूरिक अम्ल और नाइट्रिक अम्ल बनाती हैं।
  • नुकसान: यह भवनों, ऐतिहासिक इमारतों, पौधों और जंतुओं को क्षति पहुँचाती है।

दैनिक जीवन में उदासीनीकरण के उदाहरण (Neutralisation in Daily Life)

प्रश्न 13: अपाचन (Indigestion) होने पर एंटासिड (प्रतिअम्ल) क्यों लेते हैं? उत्तर: हमारे आमाशय (Stomach) में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) पाया जाता है जो भोजन के पाचन में मदद करता है। लेकिन आमाशय में अम्ल की मात्रा आवश्यकता से अधिक होने पर अपाचन हो जाता है। इसे शांत करने के लिए हम दूधिया मैग्नीशिया (Milk of Magnesia) जैसा प्रतिअम्ल लेते हैं, जिसमें मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड होता है और यह अत्यधिक अम्ल के प्रभाव को उदासीन कर देता है।

प्रश्न 14: चींटी के काटने पर बेकिंग सोडा या कैलेमाइन विलयन क्यों लगाया जाता है? उत्तर: जब चींटी काटती है, तो वह त्वचा में फॉर्मिक अम्ल डाल देती है। डंक के प्रभाव को कम करने के लिए उस पर नमीयुक्त खाने का सोडा (सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट) या कैलेमाइन विलयन (जिसमें जिंक कार्बोनेट होता है) लगाया जाता है, जो अम्ल के प्रभाव को उदासीन कर देता है।

प्रश्न 15: मृदा उपचार (Soil Treatment) किस प्रकार किया जाता है? उत्तर:

  • अत्यधिक अम्लीय मृदा: यदि मिट्टी बहुत अधिक अम्लीय हो, तो उसमें बिना बुझा चूना (कैल्शियम ऑक्साइड) या बुझा चूना (कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड) जैसे क्षारक मिलाए जाते हैं।
  • अत्यधिक क्षारकीय मृदा: यदि मिट्टी बहुत क्षारकीय हो, तो उसमें जैव पदार्थ (कंपोस्ट खाद) मिलाया जाता है, जो अम्ल निर्मुक्त करके उसकी क्षारकीय प्रकृति को उदासीन कर देता है।


प्रश्न 16: कारखानों के अपशिष्ट (Factory Wastes) को नदियों में बहाने से पहले उपचारित क्यों किया जाता है? उत्तर: अनेक कारखानों के कचरे में अम्लीय पदार्थ मिश्रित होते हैं। यदि उन्हें सीधे जलाशयों या नदियों में बहा दिया जाए, तो वे मछली और अन्य जलीय जीवों को नष्ट कर सकते हैं। इसलिए इनमें क्षारकीय पदार्थ मिलाकर पहले उदासीन किया जाता है।


End

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