Class 8th geography chapter wise

 Class  8th geography chapter wise



Class 8th  geography अध्याय 1

1. भूमि उपयोग से क्या समझते हैं?

भूमि उपयोग का अर्थ है—मनुष्य द्वारा भूमि का विभिन्न उद्देश्यों जैसे खेती, आवास, उद्योग, सड़क आदि के लिए किया गया उपयोग। यह प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता और मानव आवश्यकताओं पर निर्भर करता है।

2. साझा संपत्ति संसाधन क्या है?

साझा संपत्ति संसाधन वे प्राकृतिक संसाधन होते हैं जिनका उपयोग समुदाय द्वारा मिलकर किया जाता है, जैसे–चारागाह, जलाशय, जंगल आदि। इनका निजी स्वामित्व नहीं होता और ये सभी के लिए सुलभ होते हैं।

3. भूमि संसाधन का संरक्षण क्यों जरूरी है?

भूमि संसाधन सीमित हैं और इनका अत्यधिक या असंतुलित उपयोग भूमि को अनुपजाऊ बना सकता है। इसलिए भूमि का संरक्षण जरूरी है ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी इसका उपयोग संभव हो सके।

4. मृदा से क्या समझते हैं?

मृदा पृथ्वी की ऊपरी परत होती है जिसमें खनिज, जल, जैविक तत्व और वायु शामिल होते हैं। यह पौधों की वृद्धि के लिए आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करती है और कृषि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

5. भूस्खलन क्या है?

भूस्खलन वह प्रक्रिया है जिसमें भारी मात्रा में मिट्टी, चट्टान या मलबा अचानक ढलान से नीचे गिर जाता है। यह सामान्यतः वर्षा, भूकंप या वनों की कटाई के कारण होता है और जन-जीवन को नुकसान पहुंचा सकता है।

6 प्रश्न: मानव निर्मित संसाधन क्या हैं?

उत्तर: वे संसाधन जो मानव द्वारा प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कर बनाए जाते हैं, जैसे– सड़क, भवन, मशीनें आदि।

7 प्रश्न: मानव संसाधन क्या हैं?

उत्तर: किसी देश की शिक्षित, कुशल, और कार्यशील जनसंख्या को मानव संसाधन कहते हैं।

8 प्रश्न: संसाधनों का संरक्षण क्यों जरूरी है?

उत्तर: संसाधन सीमित हैं, इनके अत्यधिक उपयोग से वे खत्म हो सकते हैं, इसलिए भविष्य की पीढ़ियों के लिए संरक्षण जरूरी है।

9 प्रश्न: मानव संसाधन महत्वपूर्ण क्यों हैं?

उत्तर: मानव संसाधन अन्य सभी संसाधनों का उपयोग, विकास और संरक्षण करता है, इसलिए यह सबसे महत्वपूर्ण है।

10 प्रश्न: सतत पोषणीय विकास क्या है?

उत्तर: ऐसा विकास जो वर्तमान जरूरतों को पूरा करे और भविष्य की जरूरतों से समझौता न करे, सतत पोषणीय विकास कहलाता है।

End

प्रश्न 1: जल उपलब्धता की समस्याओं का वर्णन करें।

उत्तर:

जनसंख्या वृद्धि, अत्यधिक दोहन, वर्षा में कमी, प्रदूषण और जल प्रबंधन की कमी के कारण जल की उपलब्धता में कमी आई है। इससे कृषि, पीने के पानी और उद्योगों में जल संकट उत्पन्न हो गया है।

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प्रश्न 2: जल संसाधनों का संरक्षण क्यों जरूरी है?

उत्तर:

जल जीवन के लिए आवश्यक है। इसके बिना कृषि, उद्योग और मानव जीवन असंभव है। जल की बढ़ती मांग और घटती आपूर्ति को देखते हुए इसका संरक्षण भावी पीढ़ियों के लिए जरूरी हो गया है।

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प्रश्न 3: प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीव के विषय में लिखें।

उत्तर:

प्राकृतिक वनस्पति वे पेड़-पौधे हैं जो बिना मानवीय हस्तक्षेप के उगते हैं। वन्य जीव वे जानवर हैं जो प्राकृतिक परिवेश में रहते हैं। दोनों जैव विविधता और पारितंत्र के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

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प्रश्न 4: पारितंत्र किसे कहते हैं?

उत्तर:

पारितंत्र वह प्राकृतिक प्रणाली है जिसमें जीव-जंतु, वनस्पति, जल, वायु और मिट्टी परस्पर क्रिया करते हैं। यह संतुलित वातावरण बनाए रखने में सहायक होता है।

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प्रश्न 5: प्राकृतिक वनस्पति का वितरण क्यों जरूरी है?

उत्तर:

प्राकृतिक वनस्पति का संतुलित वितरण पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने, जलवायु नियंत्रित करने और मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए आवश्यक है। यह वन्य जीवों के आवास भी प्रदान करता है।

प्रश्न 6: प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीवन का संरक्षण क्यों आवश्यक है?

उत्तर:

ये पारितंत्र को संतुलित रखते हैं, जैव विविधता को बनाए रखते हैं और मानव जीवन पर प्रत्यक्ष प्रभाव डालते हैं। इनके नष्ट होने से पर्यावरणीय असंतुलन उत्पन्न होता है, जिससे सभी जीव प्रभावित होते हैं।

Chapter 3

प्रश्न 1: कृषि क्या है?

उत्तर:

कृषि वह प्रक्रिया है जिसमें भूमि में बीज बोकर फसलें उगाई जाती हैं और पशुपालन, बागवानी आदि कार्य किए जाते हैं।

प्रश्न 2: सेरीकल्चर क्या है?

उत्तर:

सेरीकल्चर रेशम के कीड़ों को पालने और उनसे रेशम प्राप्त करने की प्रक्रिया है।

प्रश्न 3: पीसी कल्चर क्या है?

उत्तर:

पीसी कल्चर (Pisiculture) का मतलब मछलियों का पालन करना है, जिसे मत्स्य पालन भी कहते हैं।

प्रश्न 4: विटीकल्चर क्या है?

उत्तर:

विटीकल्चर अंगूर की खेती को कहते हैं, जिसका उपयोग शराब बनाने और खाने के लिए होता है।

प्रश्न 5: हॉर्टिकल्चर क्या है?

उत्तर:

हॉर्टिकल्चर फल, फूल और सब्जियों की खेती को कहते हैं।

प्रश्न 6: कृषि तंत्र से क्या समझते हैं?

उत्तर:

कृषि तंत्र का मतलब कृषि से जुड़ी सभी गतिविधियाँ हैं जैसे- भूमि की तैयारी, बीज बोना, सिंचाई, कटाई, भंडारण आदि।

प्रश्न 7: कृषि के कितने प्रकार हैं?

उत्तर:

कृषि के मुख्य रूप से पाँच प्रकार होते हैं – निर्वाह कृषि, वाणिज्यिक कृषि, मिश्रित कृषि, स्थानांतरित कृषि और बागवानी।

प्रश्न 8: निर्वाह कृषि क्या है?

उत्तर:

निर्वाह कृषि वह है जिसमें किसान केवल अपने परिवार के खाने के लिए खेती करता है, व्यापार के लिए नहीं।

प्रश्न 9: वाणिज्यिक कृषि क्या है?

उत्तर:

वाणिज्यिक कृषि में फसलें बड़े पैमाने पर उगाई जाती हैं ताकि उन्हें बाजार में बेचकर लाभ कमाया जा सके।

प्रश्न 10: मिश्रित कृषि क्या है?

उत्तर:

मिश्रित कृषि में फसलें उगाने के साथ-साथ पशुपालन भी किया जाता है।

1. रोपण कृषि किसे कहते हैं?

रोपण कृषि वह पद्धति है जिसमें बड़े भूभाग पर एक ही फसल उगाई जाती है और उसका उत्पादन वाणिज्यिक उद्देश्य से किया जाता है। इसमें मुख्यतः चाय, कॉफी, रबर, गन्ना और केला जैसी फसलें शामिल होती हैं। यह प्रायः उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में की जाती है।

2. चावल की खेती के लिए किस प्रकार का मौसम और कैसी मिट्टी उपयुक्त है?

चावल की खेती के लिए गर्म और आर्द्र जलवायु आवश्यक होती है। 24°C से 30°C तापमान और अधिक वर्षा (100 से 200 सेमी) अनुकूल होती है। इसके लिए दोमट, जलोढ़ या चिकनी मिट्टी उपयुक्त मानी जाती है क्योंकि यह पानी को रोककर रखती है।

3. गेहूं की खेती के लिए किस प्रकार का मौसम तथा कैसी मिट्टी होनी चाहिए?

गेहूं की खेती के लिए ठंडी और शुष्क जलवायु अनुकूल होती है। बुवाई के समय 10°C से 15°C तथा पकने के समय 20°C से 25°C तापमान उपयुक्त है। गेहूं के लिए जलोढ़, दोमट तथा उपजाऊ काली मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है।

1. मक्का की खेती के लिए भौगोलिक दशाएँ:

मक्का गर्म जलवायु की फसल है। इसके लिए 21°C से 27°C तापमान तथा 50 से 100 सेंटीमीटर वर्षा आवश्यक है। यह अच्छी जल निकासी वाली उपजाऊ दोमट और जलोढ़ मिट्टी में अच्छी होती है। समतल एवं ढालू क्षेत्र इसकी खेती के लिए अनुकूल होते हैं।

2. कपास की खेती के लिए भौगोलिक दशाएँ:

कपास उष्णकटिबंधीय फसल है। इसके लिए 20°C से 30°C तापमान और 50 से 100 सेंटीमीटर वर्षा की आवश्यकता होती है। यह काली कपासी मिट्टी (रेगुर मिट्टी) में अच्छी होती है। शुष्क और लंबे गर्म मौसम वाले क्षेत्र कपास की खेती के लिए अनुकूल हैं।

3. कॉफ़ी की खेती के लिए भौगोलिक दशाएँ:

कॉफ़ी के लिए ठंडी और नम जलवायु आवश्यक है। 15°C से 28°C तापमान तथा 150 से 250 सेंटीमीटर वर्षा उपयुक्त होती है। यह छायादार ढलानों पर लाल और जल निकासी वाली मिट्टी में अच्छी होती है। ऊँचाई वाले क्षेत्र कॉफ़ी के लिए आदर्श माने जाते हैं।

4. पटसन की खेती के लिए भौगोलिक दशाएँ:

पटसन (जूट) के लिए गर्म और आर्द्र जलवायु आवश्यक है। 24°C से 35°C तापमान तथा 150 से 200 सेंटीमीटर वर्षा इसकी खेती के लिए अनुकूल होती है। यह गंगा-ब्रह्मपुत्र की जलोढ़ मिट्टी में सबसे अच्छी होती है। नमी वाली भूमि इसके उत्पादन के लिए उपयुक्त है।

Chapter 4

प्रश्न 1. उद्योग किसे कहते हैं?

उत्तर – जब कोई व्यक्ति या समूह कच्चे माल को उपयोगी वस्तुओं में बदलकर लाभ प्राप्त करता है, तो उसे उद्योग कहते हैं। उद्योग आर्थिक विकास का मुख्य आधार है क्योंकि इससे रोजगार, वस्तुओं का उत्पादन और व्यापार बढ़ता है।

प्रश्न 2. कच्चा माल पर आधारित उद्योग किसे कहते हैं?

उत्तर – वे उद्योग जो अपने उत्पादन के लिए किसी विशेष प्रकार के कच्चे माल पर निर्भर करते हैं, कच्चा माल आधारित उद्योग कहलाते हैं। जैसे – कपड़ा उद्योग कपास पर, इस्पात उद्योग लौह अयस्क पर आधारित होते हैं।

प्रश्न 3. कृषि पर आधारित उद्योग के विषय में बताएं।

उत्तर – वे उद्योग जो कृषि से प्राप्त वस्तुओं पर निर्भर करते हैं, कृषि पर आधारित उद्योग कहलाते हैं। उदाहरण – कपड़ा उद्योग (कपास), चीनी उद्योग (गन्ना), और तेल उद्योग (सरसों, मूंगफली)। ये ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बहुत उपयोगी होते हैं।

प्रश्न 4. खनिज पर आधारित उद्योग के बारे में बताएं।

उत्तर – जो उद्योग खनिज पदार्थों जैसे – लौह अयस्क, कोयला, बॉक्साइट आदि पर निर्भर करते हैं, उन्हें खनिज आधारित उद्योग कहते हैं। उदाहरण – इस्पात उद्योग, सीमेंट उद्योग, एल्युमिनियम उद्योग आदि। ये उद्योग भारी मशीनों का उपयोग करते हैं।

प्रश्न 5. समुद्र पर आधारित उद्योग के बारे में बताएं।

उत्तर – समुद्र से प्राप्त संसाधनों पर निर्भर उद्योगों को समुद्र आधारित उद्योग कहते हैं। उदाहरण – मत्स्य उद्योग (मछली पालन), नमक उद्योग, मोती उद्योग और समुद्री तेल उद्योग। ये उद्योग तटीय क्षेत्रों में अधिक पाए जाते हैं।

प्रश्न 6. वन पर आधारित उद्योग के बारे में बताएं।

उत्तर – जो उद्योग वन से प्राप्त उत्पादों पर निर्भर करते हैं, वे वन आधारित उद्योग कहलाते हैं। उदाहरण – कागज उद्योग, लकड़ी उद्योग, फर्नीचर उद्योग और रबर उद्योग। ये उद्योग पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़े होते हैं।

प्रश्न 7. लघु उद्योग किसे कहते हैं?

उत्तर – जिन उद्योगों में कम पूंजी, सीमित श्रमिक और कम मशीनों का प्रयोग होता है, उन्हें लघु उद्योग कहते हैं। ये आमतौर पर घरेलू स्तर पर चलाए जाते हैं। उदाहरण – अगरबत्ती, हस्तशिल्प, खिलौने आदि।

प्रश्न 8. वृहत आकार के उद्योग किसे कहते हैं?

उत्तर – जिन उद्योगों में बड़ी पूंजी, विशाल मशीनें और अधिक श्रमिक कार्य करते हैं, उन्हें वृहत उद्योग कहा जाता है। जैसे – लौह इस्पात उद्योग, रेल इंजन उद्योग, मोटर उद्योग आदि। इनका उत्पादन स्तर बहुत बड़ा होता है।

प्रश्न 9. स्वामित्व से क्या समझते हैं?

उत्तर – उद्योग का स्वामित्व उस व्यक्ति, समूह या संस्था को कहते हैं जिसके पास उद्योग चलाने और निर्णय लेने का अधिकार होता है। स्वामित्व के आधार पर उद्योग निजी, सार्वजनिक और संयुक्त क्षेत्र में बाँटे जाते हैं।

प्रश्न 10. संयुक्त क्षेत्र के उद्योग क्या है?

उत्तर – जिन उद्योगों में सरकार और निजी व्यक्ति या संस्था दोनों का समान निवेश और नियंत्रण होता है, वे संयुक्त क्षेत्र के उद्योग कहलाते हैं। उदाहरण – भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL), मारुति उद्योग आदि।

प्रश्न 11. सहकारी क्षेत्र के उद्योग से क्या समझते हैं?

उत्तर – सहकारी क्षेत्र के उद्योग वे हैं जो लोगों के समूह द्वारा सामूहिक रूप से चलाए जाते हैं, जहाँ लाभ सबमें बाँटा जाता है। उदाहरण – अमूल डेयरी, चीनी मिलें आदि। इनका उद्देश्य लाभ के साथ सहयोग होता है।

प्रश्न 12. औद्योगिक तंत्र के बारे में बताएं।

उत्तर – औद्योगिक तंत्र वह प्रणाली है जिसमें कच्चे माल की आपूर्ति, उत्पादन, परिवहन, विपणन और श्रमिकों का संगठन शामिल होता है। यह उद्योगों के सुचारू संचालन और विकास के लिए आवश्यक ढांचा प्रदान करता है।

प्रश्न 1. औद्योगिक विपदा क्या है?

उत्तर – जब किसी उद्योग में दुर्घटना, विस्फोट, आग या विषैली गैस के रिसाव जैसी घटनाओं से जान-माल की हानि होती है, तो उसे औद्योगिक विपदा कहते हैं। उदाहरण – भोपाल गैस त्रासदी (1984)। ऐसी विपदाएँ पर्यावरण और मानव जीवन दोनों को प्रभावित करती हैं।

प्रश्न 2. लोह इस्पात उद्योग के बारे में बताएं।

उत्तर – लोहा और इस्पात उद्योग खनिज आधारित उद्योग है, जिसमें लौह अयस्क से इस्पात तैयार किया जाता है। भारत में प्रमुख केंद्र जमशेदपुर, भिलाई, राउरकेला और दुर्गापुर हैं। यह उद्योग मशीन, वाहन, निर्माण और रेलवे के लिए आवश्यक सामग्री बनाता है।

प्रश्न 3. सनराइज उद्योग क्या है?

उत्तर – जो उद्योग नए युग की तकनीक पर आधारित होते हैं और तेजी से विकसित हो रहे हैं, उन्हें सनराइज उद्योग कहा जाता है। जैसे – सूचना प्रौद्योगिकी (IT), जैव प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा उद्योग आदि। ये देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रश्न 4. प्रगलन प्रक्रिया से क्या समझते हैं?

उत्तर – प्रगलन प्रक्रिया (Smelting) वह विधि है जिसमें अयस्क को अत्यधिक तापमान पर गर्म करके उसमें से धातु को निकाला जाता है। यह प्रक्रिया विशेषकर लौह, तांबा और सीसा जैसी धातुओं के शुद्धीकरण में उपयोग की जाती है।

प्रश्न 5. टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी के विषय में बताएं।

उत्तर – टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी (TISCO) की स्थापना 1907 में जमशेदपुर (झारखंड) में हुई थी। यह भारत की सबसे पुरानी और प्रमुख इस्पात कंपनी है। इसे जमशेदजी टाटा ने स्थापित किया था और यह भारत की औद्योगिक प्रगति का प्रतीक मानी जाती है।

प्रश्न 6. धातु किसे कहते हैं?

उत्तर – वे तत्त्व जो कठोर, चमकदार, ऊष्मा और विद्युत के अच्छे चालक होते हैं, धातु कहलाते हैं। उदाहरण – लोहा, तांबा, एल्युमिनियम, सोना आदि। धातुएँ उद्योगों में मशीन, औजार और भवन निर्माण में अत्यंत उपयोगी होती हैं।

प्रश्न 7. अधातु किसे कहते हैं?

उत्तर – जो तत्त्व विद्युत और ऊष्मा के खराब चालक होते हैं, हल्के और भंगुर होते हैं, उन्हें अधातु कहते हैं। उदाहरण – गंधक, फॉस्फोरस, ऑक्सीजन, कार्बन आदि। अधातु कृषि, औषधि और उर्वरक उद्योगों में प्रयुक्त होते हैं।

प्रश्न 8. मिश्र धातु किसे कहते हैं?

उत्तर – जब दो या दो से अधिक धातुओं या धातु-अधातु को मिलाकर नई धातु जैसी वस्तु बनाई जाती है, उसे मिश्र धातु कहते हैं। उदाहरण – पीतल (तांबा + जस्ता), कांसा (तांबा + टिन), और इस्पात (लोहा + कार्बन)।

प्रश्न 9. अयस्क किसे कहते हैं?

उत्तर – वह खनिज जिसमें किसी धातु की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है ताकि उसे आर्थिक रूप से निकाला जा सके, अयस्क कहलाता है। उदाहरण – लौह अयस्क, बॉक्साइट, तांबा अयस्क आदि। इनसे धातुएँ प्रगलन प्रक्रिया द्वारा प्राप्त की जाती हैं।

प्रश्न 10. लोह अयस्क के बारे में बताएं।

उत्तर – लौह अयस्क से लोहा निकाला जाता है। इसके प्रमुख प्रकार हैं – हेमेटाइट, मैग्नेटाइट और लिमोनाइट। भारत में लौह अयस्क के प्रमुख क्षेत्र झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक में पाए जाते हैं। यह इस्पात उद्योग का मुख्य कच्चा माल है।

प्रश्न 11. लोह अयस्क से इस्पात कैसे बनता है?

उत्तर – लौह अयस्क को प्रगलन प्रक्रिया से पिघलाकर उसमें से शुद्ध लोहा निकाला जाता है। फिर उसमें कार्बन और अन्य तत्व मिलाकर इस्पात तैयार किया जाता है। यह प्रक्रिया ब्लास्ट फर्नेस (Blast Furnace) में की जाती है।

प्रश्न 12. आईटी’एस वर्क इस्पात उद्योग के विषय में बताएं।

उत्तर – इस्पात उद्योग में लौह अयस्क को गलाने, शुद्ध करने और मिश्रित तत्वों को जोड़ने का कार्य किया जाता है। इससे मजबूत, लचीला और टिकाऊ इस्पात बनता है। इस्पात उद्योग से रेलवे, वाहन, भवन और मशीन निर्माण के लिए आवश्यक धातुएँ मिलती हैं।

प्रश्न 13. वे कौन से मुख्य तथ्य हैं जो उद्योग की अवस्थिति को प्रभावित करते हैं?

उत्तर – उद्योग की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक हैं – कच्चा माल की उपलब्धता, जल और ऊर्जा स्रोत, परिवहन सुविधा, श्रम, बाजार, पूंजी और सरकारी नीतियाँ। जहाँ ये सभी सुविधाएँ होती हैं, वहीं उद्योग अधिक विकसित होते हैं।

प्रश्न 14. कौन सा उद्योग प्रायः आधुनिक उद्योग का मेरुदंड कहा जाता है?

उत्तर – लोहा और इस्पात उद्योग को आधुनिक उद्योग का मेरुदंड कहा जाता है क्योंकि लगभग सभी उद्योगों के लिए मशीनें, उपकरण और निर्माण सामग्री इसी से बनती हैं। यह औद्योगिक विकास की रीढ़ मानी जाती है।

प्रश्न 15. कृषि आधारित उद्योग और खनिज आधारित उद्योग में क्या अंतर है?

उत्तर – कृषि आधारित उद्योग कृषि उत्पादों जैसे कपास, गन्ना, जूट आदि पर निर्भर करते हैं, जबकि खनिज आधारित उद्योग खनिज पदार्थों जैसे लौह अयस्क, बॉक्साइट, कोयला आदि पर। कृषि आधारित उद्योग ग्रामीण क्षेत्रों में और खनिज आधारित उद्योग खदान क्षेत्रों में स्थापित होते हैं।

Chapter 4 end

Chapter 6

1. मानव संसाधन क्या है?

मानव संसाधन किसी देश या क्षेत्र में रहने वाले लोगों की वह शक्ति है, जो अपने कौशल, शिक्षा, मेहनत और बुद्धि से विकास कार्य करते हैं। लोग ही किसी देश की वास्तविक संपत्ति माने जाते हैं, क्योंकि उनकी क्षमता, काम करने की योग्यता और उत्पादन शक्ति से देश की प्रगति होती है। इसलिए इसे महत्वपूर्ण संसाधन कहा जाता है।

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2. जनसंख्या का वितरण से क्या समझते हैं?

जनसंख्या वितरण से तात्पर्य है कि किसी देश या क्षेत्र में लोग कहाँ और कितनी संख्या में बसे हुए हैं। यह बताता है कि कौन-सी जगह पर जनसंख्या अधिक है और कहाँ कम। कुछ स्थानों पर घनी आबादी होती है, जबकि कुछ क्षेत्रों में कम लोग रहते हैं। यह वितरण भौगोलिक, सामाजिक व आर्थिक कारणों से बदलता रहता है।

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3. जनसंख्या वितरण का प्रारूप क्या है?

जनसंख्या वितरण का प्रारूप यह दिखाता है कि लोग किसी देश में कैसे और किन क्षेत्रों में फैले हैं। इसमें जनसंख्या अधिक, मध्यम और कम आबादी वाले क्षेत्रों की पहचान की जाती है। नक्शे, तालिकाएँ और आँकड़ों के माध्यम से यह समझा जाता है कि कौन-से इलाके भीड़भाड़ वाले हैं और किन क्षेत्रों में जनसंख्या कम है।

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4. जनसंख्या घनत्व के विषय में बताएं।

जनसंख्या घनत्व किसी क्षेत्र में प्रति वर्ग किलोमीटर रहने वाले लोगों की संख्या को कहते हैं। इससे पता चलता है कि कोई इलाका कितना बसा हुआ है। यदि एक स्थान पर जनसंख्या घनत्व अधिक है तो वह भीड़भाड़ वाला क्षेत्र माना जाता है। कम घनत्व वाले क्षेत्र में लोगों की संख्या कम होती है और वहाँ खुली जगह अधिक मिलती है।

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5. जनसंख्या वितरण को प्रभावित करने वाले कारक कौन-कौन से हैं?

जनसंख्या वितरण कई कारकों से प्रभावित होता है। इसमें भौगोलिक कारक जैसे जलवायु, भूमि, पानी की उपलब्धता, प्राकृतिक संसाधन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सामाजिक कारक जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएँ; आर्थिक कारक जैसे रोजगार, उद्योग-धंधे; और राजनीतिक कारक जैसे स्थिर सरकार और सुरक्षा भी लोगों के बसने को प्रभावित करते हैं।

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6. भौगोलिक कारक के विषय में बताएं।

भौगोलिक कारक जनसंख्या के बसने पर सबसे अधिक प्रभाव डालते हैं। अच्छी जलवायु, उपजाऊ भूमि, पानी की उपलब्धता, प्राकृतिक संसाधन और समतल मैदान लोगों को बसने के लिए आकर्षित करते हैं। वहीं पहाड़ी, रेगिस्तानी और अत्यधिक ठंडे क्षेत्र में जनसंख्या कम होती है। लोग उन जगहों पर रहना पसंद करते हैं जहाँ जीवन आसान हो।

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7. सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक कारक के विषय में बताएं।

सामाजिक कारकों में शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएँ, बेहतर जीवन-स्तर और शांतिपूर्ण समाज शामिल हैं। आर्थिक कारकों में रोजगार के अवसर, उद्योग, व्यापार और आय के साधन आते हैं। राजनीतिक कारक जैसे स्थिर सरकार, सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और सुविधाएँ लोगों को किसी क्षेत्र में बसने के लिए प्रेरित करते हैं। ये तीनों कारक जनसंख्या वितरण पर बड़ा प्रभाव डालते हैं।

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8. जनसंख्या परिवर्तन क्या है?

जनसंख्या परिवर्तन से तात्पर्य समय के साथ जनसंख्या की संख्या में होने वाले बदलाव से है। यह जन्म दर, मृत्यु दर और प्रवास के कारण बढ़ती या घटती है। जब किसी देश में जन्म दर मृत्यु दर से अधिक होती है तो जनसंख्या बढ़ती है। यदि मृत्यु दर अधिक हो या लोग बाहर चले जाएँ, तो जनसंख्या कम हो जाती है।

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9. जन्म दर तथा मृत्यु दर को परिभाषित करें।

जन्म दर से तात्पर्य किसी क्षेत्र में एक वर्ष के दौरान प्रति हजार जनसंख्या पर जन्मे बच्चों की संख्या से है। मृत्यु दर प्रति हजार जनसंख्या पर एक वर्ष में मरने वाले लोगों की संख्या को कहते हैं। दोनों ही देश की जनसंख्या वृद्धि और कमी को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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10. प्रवास किसे कहते हैं?

प्रवास उन परिस्थितियों को कहते हैं जब लोग एक स्थान से दूसरे स्थान की ओर रहने या काम करने के लिए जाते हैं। प्रवास देश के भीतर (आंतरिक प्रवास) या विदेशों की ओर भी हो सकता है। लोग बेहतर नौकरी, शिक्षा, सुरक्षा, सुविधाओं, या प्राकृतिक कारणों से प्रवास करते हैं। इससे जनसंख्या वितरण में भी बदलाव आता है।

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11. प्राकृतिक वृद्धि दर के विषय में बताएं।

प्राकृतिक वृद्धि दर किसी क्षेत्र में जन्म दर और मृत्यु दर के अंतर को कहते हैं। यदि जन्म दर मृत्यु दर से अधिक है तो प्राकृतिक जनसंख्या वृद्धि होती है। यह किसी देश की जनसंख्या बढ़ने का सबसे महत्वपूर्ण कारण है। प्राकृतिक वृद्धि दर के आधार पर जनसंख्या की गति और भविष्य का अनुमान लगाया जाता है।

12.उत्प्रवासी किसे कहते हैं?

उत्प्रवासी वह व्यक्ति होता है जो अपने मूल स्थान या जन्म स्थान को छोड़कर किसी दूसरे स्थान पर रहने या काम करने के लिए चला जाता है। यानी जो लोग अपने राज्य या देश को छोड़कर बाहर जाते हैं, उन्हें उत्प्रवासी कहा जाता है। इनके जाने से मूल स्थान की जनसंख्या कम होती है।

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13. आप्रवासी किसे कहते हैं?

आप्रवासी वे लोग होते हैं जो किसी नए क्षेत्र या देश में आकर बसते हैं। यानी जो व्यक्ति बाहर से किसी स्थान पर आते हैं, उन्हें आप्रवासी कहा जाता है। उनके आने से उस क्षेत्र की जनसंख्या बढ़ती है। बेहतर रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा की सुविधा आप्रवासन का मुख्य कारण होती है।

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14. उत्प्रवास क्या है?

उत्प्रवास वह प्रक्रिया है जिसमें लोग अपने मूल स्थान को छोड़कर किसी अन्य क्षेत्र में रहने, नौकरी करने या सुरक्षित वातावरण पाने के लिए चले जाते हैं। यह आंतरिक (देश के भीतर) या बाहरी (विदेश) भी हो सकता है। उत्प्रवास से मूल स्थान की जनसंख्या घटती है और नए स्थान की जनसंख्या बढ़ती है।

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15 आप्रवास क्या है?

आप्रवास वह प्रक्रिया है जिसमें कोई व्यक्ति या समूह बाहर से किसी क्षेत्र में आकर स्थायी या अस्थायी रूप से बसता है। लोग बेहतर सुविधाओं, रोजगार, शिक्षा, और सुरक्षित जीवन की तलाश में आप्रवास करते हैं। आप्रवास से उस क्षेत्र की जनसंख्या में वृद्धि होती है और सामाजिक–आर्थिक विकास भी प्रभावित होता है।

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16.. जनसंख्या संघटन क्या है?

जनसंख्या संघटन से तात्पर्य जनसंख्या की संरचना से है, जिसमें आयु, लिंग, शिक्षा, व्यवसाय, और स्वास्थ्य जैसी विशेषताएँ शामिल होती हैं। इससे पता चलता है कि किसी क्षेत्र में कितने बच्चे, युवा और वृद्ध हैं, कितने लोग पढ़े-लिखे हैं और कौन–कौन से कार्य करते हैं। यह किसी देश की विकास नीति बनाने में उपयोगी होता है।

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17. जनसंख्या पिरामिड क्या है?

जनसंख्या पिरामिड एक विशेष प्रकार का चित्र (ग्राफ) है, जो किसी देश की जनसंख्या को आयु और लिंग के आधार पर दर्शाता है। इसमें पुरुष और महिलाओं की विभिन्न आयु समूहों में संख्या दिखाई जाती है। जनसंख्या पिरामिड से यह समझ आता है कि देश में बच्चे, युवा और बूढ़े लोगों की संख्या कितनी है तथा जनसंख्या की वृद्धि कैसी है।

End geography


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